Monday, October 26, 2015

ऋचा श्रीवास्तव_शब्द आते गए_1

जो होना है वो तो होता ही चला जाएगा
तू कमज़ोर है इसलिए ग़म थोड़ा सताएगा

फ़िक्र की बात नहीं लेकिन वो तो होगी
अँधेरी रात नहीं है लेकिन वो तो होगी

अभी पूरी बात नहीं बनी है
यही तो बस रह गयी कमी है

हालात बुरे नहीं बस ये तेरा आईना है
इसे क़ातिल न समझना ये तेरा पासवां है

तेरा होना एक घाव की अहमियत है
दर्द है तो यही घाव की असलियत है

(मेरे पहले बेटे के लिए जो जन्म लेकर भी अजन्मा ही रह गया। )


ऋचा श्रीवास्तव
27-10-2015
पटना

No comments:

Post a Comment